Gurugram: मानसून में इस बार 14 सेक्टरों में नहीं होगा जलभराव,जीएमडीए ने तैयार की योजना


Gurugram News Network –  नए गुरुग्राम के इलाके में इस बार मानूसन में जलभराव से बचाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने योजना तैयार कर ली है। योजना के तहत न्यू गुरुग्राम के सेक्टर 81 से 95 तक 14 सेक्टरों में ड्रेनेज लाइन की सफाई।  इनलेट की संख्या बढ़ाने और अधूरी लाइन को ठीक कराया जाएगा। इस काम पर ढ़ाई करोड़ रुपये के लगभग खर्च किया जाएगा। n

 न्यू गुरुग्राम में सेक्टरों को एचएसवीपी विकसित किया है। सेक्टरों में सीवर-पानी और ड्रेनेज लाइन का काम पूरा नहीं कराया गया है।  अब लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ड्रेनेज की लाइनों का काम बीच-बीच में अधूरा है और गंदगी से जाम है। अब सेक्टरों की जिम्मेदारी जीएमडीए के पास आ गई है। ऐसे में जीएमडीए सीवर-पानी और ड्रेनेज लाइनों को ठीक कराने में जुट गया है।

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nजीएमडीए के मुख्य अभियंता ने बताया कि सेक्टर 81 से 95 तक ड्रेनेज लाइन की सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा बीच में कुछ कार्य नहीं हुआ है तो पूरा कराया जाएगा। इसके अलावा बरसाती पानी निकासी के लिए ड्रेनेज में इनलेट की संख्या बढ़ाई जाएगी। ड्रेनेज लाइन में पानी निकासी के (इनलेट) इंतजाम दस-दस मीटर पर बनाए जाएंगे। मुख्य अभियंता ने बताया कि इस कार्य पर करीब 2.32 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इस कार्य का जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा।

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nजल निकासी  को मजबूत करने के लिए जीएमडीए न्यू गुरुग्राम में मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन बिछाने का काम शुरू करने जा रहा है। इस परियोजना में सेक्टर 68-75 में आरसीसी बॉक्स टाइप मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण और सेक्टर 112-115 में भी इसी प्रकार के ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। इन क्षेत्रों में मास्टर ड्रेनेज सिस्टम होने से लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। 

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विकास कार्यों के टेंडर एजेंसी को आवंटित किए गए हैं और इन्हें जल्द की शुरू कर दिया जाएगा। सेक्टर 68 से 75 में ड्रेनेज की व्यवस्था को बढ़ाने के लिए लगभग 17.63 किलोमीटर लंबी ड्रेन नेटवर्क बिछाई जाएगी। इसमें सेक्टर 68, 69, 70, 70ए, 71, 72, 75, 7ए, 71, 73 और 74 शामिल हैं।

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 सेक्टर 68-75 में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज प्रदान करने की परियोजना 51 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी। सेक्टर 112-115 के ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत लगभग 7.59 किलोमीटर लंबी की ड्रेन नेटवर्क बिछाई जाएगी। परियोजना 32.80 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी। ड्रेनेज सिस्टम को मास्टर लेग-1 ड्रेन से जोड़ा जाएगा। मानसून में मुख्य ड्रेन के किसी भी ओवरफ्लो को रोकने के लिए सेक्टर 115 में लेग-1 ड्रेन के पास पंपिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा।

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